शांति का प्रतीक : माँ चंद्रघंटा
स्वर्णाभ आभा में लिपटी, दिव्य प्रभा की ज्योति हो तुम,सिंहवाहिनी महाशक्ति, सकल ब्रह्मांड की स्रोतस्वरूप तुम।मस्तक पर अर्धचंद्र की रेखा,
Read Moreस्वर्णाभ आभा में लिपटी, दिव्य प्रभा की ज्योति हो तुम,सिंहवाहिनी महाशक्ति, सकल ब्रह्मांड की स्रोतस्वरूप तुम।मस्तक पर अर्धचंद्र की रेखा,
Read Moreनवदुर्गा स्वागत बेला हैं, आओ रे। घडी मंगला घट घर-घर में, लाओ रे। मन में हर्षोल्लास खूब खुशियाँ छाई, उत्सव
Read Moreहरि ने लिया द्वापर में अवतार धरा पर, यशोदा लाल कहाएँ,लक्ष्मी जी भी राधा रूप में आई, वृषभान दुलारी सब
Read Moreमहेश्वर महागणपति महोदर महाराज,मंगल कर्ता महाबली गणेश गजराज,सभी देवी देवन में प्रथमेश प्रमुख,गजकर्ण गौरीनंदन गजानन गजमुख । शुरू करने से
Read Moreआ जाओ कान्हा, अब तो आ जाओ,हर एक सुदामा , गरीब बेचारा,फिरता देखो मारा मारा ,कहीं नहीं कोई उसका सहाराआओ
Read Moreभादों माह कृष्ण अष्टमी को,देवकीनंदन जन्म लिए हैं।कारागार के बंधन टूटे,द्वारपाल सब औंधे पड़े हैं। लेकर टोकरी में कान्हा को,
Read Moreदेवकी वसुदेव के कारागृह कक्ष, तिथि अष्टमी भादों कृष्ण पक्ष,भक्तवत्सल भगवान भुवनेश, ले अष्टम अवतार जन्मे प्रत्यक्ष,हुए प्रहरी अचेत ही
Read Moreसत्यम, शिवम् सुन्दरम।शिवमय जीवन मंगलम।। भोले बाबा सुन मम अरजी।सृष्टि सृजन है शिव मरजी।।नीलकंठ शिव डमरू धारी।ले त्रिशूल नाचत त्रिपुरारी।।
Read Moreदेवों के देव महादेव शिव, कल्याण सभी का करते हैंदेवेश्वर हैं विश्वेश्वर शिव, कल्याण सभी का करते हैं- शिव जी
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