मेरा भारत – बालगीत
अद्भुत अनुपम भारत मेरा।प्रचुर सम्पदा का शुभ घेरा।। कलरव करतीं यमुना गंगा।फहराता है सदा तिरंगा।।देव – देवियाँ करतीं फेरा।अद्भुत अनुपम
Read Moreअद्भुत अनुपम भारत मेरा।प्रचुर सम्पदा का शुभ घेरा।। कलरव करतीं यमुना गंगा।फहराता है सदा तिरंगा।।देव – देवियाँ करतीं फेरा।अद्भुत अनुपम
Read Moreछोटी सी है चिड़िया न्यारी, फड़ फड़ करती हैं प्यारी, कौन सिखाता ऊँचा उड़ना, दाना-दाना चुगकर लाना। मस्ती में कैसे
Read Moreपरियों की रानी सुहासिनी नाम की तरह ही कोमल, मृदुल, हंसमुख थी। अपनी मृदुल वाणी से सबकी चहेती। आज रानी
Read Moreजंगल में मंगल कर आएँ।चलो साथियो नाचें – गाएँ।। घनी झाड़ियाँ काँटों वाली।बजा रहीं पत्तों की ताली।।काँटे नहीं कहीं चुभ
Read Moreइस बार ओड़गाँव के गाँधीपारा के बच्चों को होली का बेसब्री से इंतजार था। सबने होली मनाने की बात अपने-अपने
Read Moreनन्ही नन्ही गुड़ियां आईचाँद सितारे साथ है लाई।दो चोटियां बनाकर आईदेखकर उसकोसबके चेहरा पर मुस्कुराहट आई।लाल-लाल गालों से मुस्कुरातीदूध जैसे
Read More“अनूप तुम तो बहुत होशियार हो, आज मैं शाम को 5 बजे तुम्हारे घर तुमसे कुछ सवाल सीखने आऊंगा.” विनीत
Read Moreशीत बढ़ी भा रही रजाई।मौसम ने अब ली अँगड़ाई।। शी – शी करतीं दादी नानी।नहीं सुहाता शीतल पानी।।दिन में धूप
Read Moreकांप रही थी चींटी रानी।ठंडा मौसम ठंडा पानी।।दिखे नहीं ये सूरज दादा।भूल गए क्या कर के वादा।। कभी ज़रा अंबर
Read More