नदी पुनर्जीवन: संस्कृति, सभ्यता और अस्तित्व की रक्षा
“अप्सु मे सोमोऽभूत्, अप्सु मे अग्निरभवत्।” (ऋग्वेद) अर्थात जल में ही सोम है, जल में ही अग्नि का वास है।
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Read Moreभारत में पालतू कुत्तों की संख्या 2023 में लगभग 3.2 करोड़ आंकी गई, और यह हर साल 12-15% की दर
Read Moreबादलों की राह ताकते की कब बरसेंगे। किसान बोनी की फिक्र, पशुओं की हरी घास की चाहत। मेघ बरसे तो
Read Moreभारत में नदियों, पहाड़ों और जल स्रोतों के साथ हो रहा खिलवाड़ अब आपदाओं का कारण बन रहा है। लालचवश
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Read Moreहमें पक्षियों की ज़रूरतों का ध्यान रखना चाहिए। वे हमारे पर्यावरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और हमारे जीवन में
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