क्रांतिवीर प्रफुल्ल चाकी : देशभक्ति का सुवासित सुमन
दिनांक 1 मई, 1908। पटना के निकट मोकामा घाट रेलवे स्टेशन। मुजफ्फरपुर से आने वाली ट्रेन प्लेटफार्म पर रुकने ही
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Read Moreदेश में ऐसे असंख्य मौन साधक हुए हैं जो नाम-यश की आकांक्षा से दूर मां भारती की सेवा साधना में
Read Moreराष्ट्रीय ध्वज किसी राष्ट्र एवं देश के गौरव, गरिमा एवं गर्व का हेतु होता है। राष्ट्र-ध्वज राष्ट्रीय स्वाभिमान, शौर्य-पराक्रम एवं
Read Moreक्रांतिकारी खुदीराम बोस भारत के ऐसे महान सपूत थे जिन्होनें सबसे कम आयु में भारत को आजादी दिलाने व अंग्रेजों
Read Moreब्रिटिस लाईब्रेरी में कल्पसूत्र की सर्व प्राचीन और उन्नीसवीं शती तक ज्ञात एक मात्र पाण्डुलिपि सुरक्षित है। यह प्राकृत भाषा
Read Moreछत्तीसगढ़ के मंगल पाण्डेय : वीर हनुमान सिंह 10 दिसम्बर सन् 1857 ई. को सोनाखान के देशभक्त जमींदार क्रांतिवीर नारायण
Read Moreजैन धर्म का वर्चस्व चालुक्य और राष्ट्रकूट शासकों के शासन काल में अपने चरम पर था और इन शासकों के
Read More10 दिसम्बर सन् 1857 ई. को सोनाखान के देशभक्त जमींदार क्रांतिवीर नारायण सिंह को राजद्रोह के अपराध में वर्तमान छत्तीसगढ़
Read Moreसारांश : बहुमुखी प्रतिभा के धनी प्रेमचंद को उपन्यास सम्राट और कहानी जगत के पितामह कहा जाता है। उन्होंने साहित्य
Read Moreबालपन से ही वीरता की प्रतिमूर्ति – मां जीजाबाई, बचपन से ही शस्त्र सञ्चालन सीखना चाहती थीं औरउनके पिता लखूजी
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