मुश्किल में है आधी आबादी की आवाजाही
भारत में किसी बस स्टॉप पर खड़ी स्त्री का दृश्य सामान्य प्रतीत हो सकता है, लेकिन यदि हम उसे थोड़ा
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Read Moreभारतीय विवाह व्यवस्था लंबे समय तक एक मौन धारणा पर टिकी रही—पुरुष कमाएगा, स्त्री बिना सवाल घर संभालेगी। इसी सोच ने
Read Moreहर व्यक्ति चाहता है कि उसका व्यक्तित्व प्रभावशाली हो। लोग उसे सम्मान दें, उसकी बातों को महत्व दें और उसकी
Read Moreहरियाणा की धरती को लंबे समय तक पारिवारिक प्रेम, भाईचारे और संयुक्त परिवारों की संस्कृति के लिए जाना जाता रहा
Read Moreसमाज में वृद्धजन, विधवाएं और दिव्यांगजन सबसे संवेदनशील वर्गों में आते हैं। सरकार द्वारा दी जाने वाली पेंशन योजनाओं का
Read Moreसृष्टि के लिए पुरुष और नारी दोनों ही समान रूप से आवश्यक हैं फिर नर और नारी में आज भी
Read Moreहाँ, मैं छोटे दुकानदार के रूप में कॉकरोच हूँ। मैं वही आदमी हूँ जिसकी दुकान में टँगी ट्यूबलाइट से ज्यादा
Read Moreटूटी नींदों और अधूरी मुस्कानों के बीच पलता सच आज अभिभावकों की कठोर हकीकत बन चुका है। जब समाज अभिभावकों की
Read Moreजब नवाचार की रोशनी विनाश की छाया में बदलने लगे, तब खतरा केवल एक धमाके का नहीं, बल्कि पूरी सुरक्षा व्यवस्था की
Read Moreजंगलों का सन्नाटा अब पेड़ों में नहीं, मोबाइल स्क्रीन पर कैद दिखता है। दुर्लभ पक्षियों, अजगर, पेंगोलिन और बाघों के
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