पुस्तक समीक्षा : परिवर्तन की आहट देती ‘इंडिया नहीं भारत’
हजारों वर्ष से हमारा देश ‘भारत’ नाम से प्रख्यात रहा है। इसके पीछे इसकी हजारों वर्ष प्राचीन पृष्ठभूमि है। हमारे
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Read Moreअंग्रेजों ने भारत पर शासन करने के लिए नौकरशाही का एक तंत्र विकसित किया था I यहाँ के लोगों को
Read More‘जीवन जैसा जिया’ पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की आत्मकथा है I यह आत्मकथा दस अध्यायों में विभक्त है I चंद्रशेखर जी
Read Moreएकल संग्रहों की श्रृंखला में एक और संग्रह का प्रवेश हुआ है, और यह है होनहार युवा कवयित्री अनुराधा प्रियदर्शिनी
Read Moreपराधीनता के प्रतीक ‘इंडिया’ के स्थान पर हमारे देश का नाम भारत रखे जाने का विषय अनेक वर्षों से चर्चा
Read Moreसमीक्ष्य संग्रह ‘खोज लें हम सत्य’ डॉ रवीन्द्र वर्मा की कृति समय का आईना सरीखी गीतिका की लयबद्धता, गीतों की
Read Moreप्रस्तावना: हिंदी साहित्य में दलित साहित्य का उद्भव सामाजिक न्याय और समानता की आकांक्षा से जुड़ा हुआ है। यह साहित्य
Read Moreहर भाषा की असली ताकत उसकी माट्टी में छुपी होती है, और उसी माट्टी से जन्म लेते हैं उसके आखर।
Read Moreभारत के प्राचीनतम निवासियों में से एक अहीरों (यादव जो युग नायक श्रीकृष्ण के वंशज हैं) की बुद्धि, वीरता और
Read Moreप्रबंधन कौशल और धन बल से अनेक लोग साहित्य के आकाश में ध्रुवतारे की तरह चमकने लगते हैं जबकि उनका
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