व्यंग्य- वर्तमान में कृष्ण
हर साल हमारे देश में करोड़ों कृष्ण पैदा लेते रहे हैं। कोई नई बात नहीं है। शास्त्रीय गणना के अनुसार,
Read Moreहर साल हमारे देश में करोड़ों कृष्ण पैदा लेते रहे हैं। कोई नई बात नहीं है। शास्त्रीय गणना के अनुसार,
Read Moreदेश इस समय मुक्ति-पर्व मना रहा है। “कर्मण्ये वाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन” कहकर जो दिव्यात्मा संसार से कूच कर गई,
Read Moreआज चलते-चलते मैं एक नमाजवादी से टकरा गया। वे बड़े प्रसन्न लग रहे थे। मैं चकराया कि टोंटीचोर का यह
Read Moreथूकना और चाटना- दोनों क्रियाएँ अशोभनीय मानी जाती हैं और थूककर चाटना-अतिअशोभनीय। हमारा देश थूकने के मामले में स्वावलंबी है।
Read Moreक्यों न हम शरीर को ही आत्मा माने..! आखिर, आत्मा मानने से अनेकानेक लफड़े जो खड़े हो जाते हैं..! फिर
Read Moreमनुष्य हिंसक प्राणी है। हमारे मनीषी और महापुरुष न जाने कब से ज्ञान का कोलड्रिंक पिला-पिलाकर उसे ‘मानव’ बनाने के
Read Moreआँखें, भगवान का वरदान है। अंधापन, अभिशाप। अक्ल भी भगवान की देन मानी जाती है। जो किसी को कम तो
Read Moreभारत एक सफाई पसंद देश है। यह बात प्रमाणित करते-करते हमें चार साल हो रहे हैं। कोई कचरा उठा रहा
Read Moreजी हां … यह हर उस संवेदनशील व्यक्ति की विडंबना है जो गलत होते देख नहीं पाता। लेकिन मुश्किल यह कि
Read More