कविता- अब खुद को समझना सीख गई हूँ
पहले हर बात दिल पर लेती थी,छोटी-सी बात में क्रोधित-सी होती थी,लोगों के शब्दों के अर्थ ढूंढती थी,फिर भी संतुष्ट
Read Moreपहले हर बात दिल पर लेती थी,छोटी-सी बात में क्रोधित-सी होती थी,लोगों के शब्दों के अर्थ ढूंढती थी,फिर भी संतुष्ट
Read Moreहर व्यक्ति चाहता है कि उसका व्यक्तित्व प्रभावशाली हो। लोग उसे सम्मान दें, उसकी बातों को महत्व दें और उसकी
Read Moreआज का युग तकनीक और डिजिटल क्रांति का युग है। जीवन का लगभग हर क्षेत्र आधुनिक तकनीक से प्रभावित हो
Read Moreरहमान और रेहाना दोनों खुश थे। जैसा एक-दूसरे को चाहते थे। वैसे ही मिले थे। हंसमुख स्वभाव के थे। दोनों
Read Moreभारतीय लोकतंत्र विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है। यह लोकतंत्र करोड़ों नागरिकों की आशाओं, संघर्षों और अधिकारों पर
Read Moreलाल दुपट्टा, मीठी मुस्कान,माँ जैसी लगती पूरी जहान।गोदी में नन्हा सपना प्यारा,आँखों में चमके चाँद सितारा। मेले की रंग-बिरंगी राहें,खुशियों
Read Moreधरती माता सह रही, मानव अत्याचार।पेड़ कटे तो घट रहा, जीवन का आधार।। बादल गरजे दूर से, बरसे मीठी धार।सूखी
Read Moreतप्त धूप अब कह रही, सुनो धरा की पीर।सूखे वन-उपवन हुए, रोए झरने-नीर।। सूरज अग्नि उगल रहा, झुलसे सब इंसान।छाँव
Read Moreभारत आज एक ऐसे दौर से गुजर रहा है जहाँ राष्ट्रीय सुरक्षा का अर्थ केवल सीमाओं पर युद्ध या आतंकवादी
Read Moreभारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। यहाँ चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया नहीं होते, बल्कि वे जनता की
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