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  • बांसुरीवाला

    बांसुरीवाला

    वह हर शाम को बगैर नागा किए ठीक उसी समय बांसुरी की मीठी तान छोड़ता जब गांव की लड़कियां, बच्चे या फिर बूढ़ी महिलाएं नीचे गहराई की घाटी से चढ़कर उस दिव्य पानी के चश्मे के...

  • कहानी – टापू वाला गांव

    कहानी – टापू वाला गांव

    इस साल की बरसात पता नहीं अब क्या-क्या जुल्म ढाएगी। सीत्तू व ठुनिया अपने मचान के बाहर बड़ी मुश्किल से कुछ देर नदी को रोकने के साहस से बनी झील के फैलते प्रचंड रूप को देख...

  • कहानी –  नदी के लुटेरे

    कहानी – नदी के लुटेरे

    जब ज्येष्ठ की धूप उनके जिस्मों के अंदर छुपी महीन जीवनदायनी खून के साथ घुली पानी की बूंदों को सोखनी शुरू कर देती, तो वे बड़े खुश होते, इसलिए नहीं कि शरीर का भार खाली हो...