Category : गीत/नवगीत


  • नव वर्ष का भोर

    नव वर्ष का भोर

    नव वर्ष का भोर आया है नये खग- कल गान लाया है धरा पे मधुर मकरन्द छाया है पुष्पित फूलों ने एक हार बनाया है। नव वर्ष का – – – – – – – –...


  • अवधी गीत

    अवधी गीत

      पीली चदरिया ओढ़े सरसो दिवानी । हरियर हरियर गेंहूँ उपजा ,खेत खेत हरियाये । हवा करै बालों मे कंघी ,खेतन का दुलराये । गजरा, मुनमुन, गोंहूँ मामा ,बिन बोये जो उपजे, रामखेलावन घसियारी मा बैठा...

  • राधिका छन्द-

    राधिका छन्द-

    विधान-, मात्रायें -13, 19, यति से पहले व बाद में 21या12 चरणान्त 22, चरणान्त शब्द – छाया मानव कर्म महान रे, मनुज संसारी कर ले जीवन काम रे, समय अनुसारी काम क्रोध अरु लोभ में, सुलगती...



  • नूतन वर्षाभिनंदन

    नूतन वर्षाभिनंदन

    नया काल है,नया साल है,गीत नया हम गाएंगे । करना है कुछ नवल-प्रबल अब,मंज़िल को हम पाएंगे ।। बीत गया जो,विस्मृत करके, नव उत्साह जगाएं सुखद पलों को स्मृति में रख, कटुता को बिसराएं नई ऊर्जा,नई...

  • गीत : गुजरात में कांग्रेस की हार

    गीत : गुजरात में कांग्रेस की हार

    (गुजरात और हिमाचल में कांग्रेस की हार पर राहुल खान गांधी को समर्पित मेरी ताज़ी कविता) खूब लगाया ज़ोर कुंवर ने, बाहें खूब समेटी थीं, कुछ पटेल की भटकी नस्लें, जातिवाद पर ऐंठी थीं, इक फ़िरोज़ का पोता, जबरन...