Category : लेख

  • सेक्स और जेंडर

    सेक्स और जेंडर

    अमूमन सेक्स और जेंडर को हमारे समाज में एक दूसरे के पर्याय के रूप में देखा जाता है ,कित्नु यह अवधारणा सत्य से उतनी ही दूर है जितना कि धरती से चन्द्रमा। समस्या हमारे समाज की...


  • अफसोस मनाते लोग

    अफसोस मनाते लोग

    आज सुबह जब मेरी नींद खुली तमाम न्यूज चैनलों पर प्रियंका रेड्डी का अफसोस मनाते लोग दिखे फेसबुक पर भी कितना अफसोस करोगे कितनी मोमबत्तियां जलाओगे। कुछ मानसिक रोगियों ने नाक में दम कर रखा है...


  • जैसा कर्म वैसा फल – मृत्युदंड

    जैसा कर्म वैसा फल – मृत्युदंड

    सामाजिक व्यवसाथा में जुर्म का कोई स्थान नही है चाहे वह किसी प्रकार का क्यूँ न हो?सभी जुर्म के लिए संविधान में दंड का प्रावधान है जो विभिन्न संस्थाओ द्वारा जुटाये गये सबूत और रिपोर्टो के...



  • चर्च का घिनौना चेहरा और मिडिया

    चर्च का घिनौना चेहरा और मिडिया

    क्या आपको बालीवुड की वे फिल्मे याद हैं जिनमे फादर को दया और प्रेम का मूर्तिमान स्वरूप दिखाया जाता था तो हिन्दू सन्यासियों को अपराधी. जो मिडिया आशाराम पर पागल हो गया था वह आज चुप...