मुक्तक/दोहा

कुछ मुक्तक- 45

कुछ मुक्तक- 45
1.
#स्वतंत्र
#स्वतंत्र होना सौभाग्य है, रखना इसे सहेज,
खून पसीने से मिले, पड़े लुटाना तेज,
स्वतंत्रता की राह में, आते कष्ट अनेक,
मतवाले जो देश के, नहीं छोड़ते टेक।
लीला तिवानी
2.
#शरण
स्नेह से सिंचित सरोवर स्नान उसमें हम करें
हो कृपा तेरी दयामय ध्यान तेरा हम धरें
आ गए हम पास तेरे #शरण अपनी लीजिए
दीजिए सद्बुद्धि हमको नाम की धुन दीजिए।
लीला तिवानी
3.
#शिव
जग के आधार #शिव हैं, कृपा के आगार शिव हैं,
मानो तो साकार भी शिव हैं, निराकार भी शिव हैं.
शिव की शरण में खुल जाता, भव से मोक्ष का द्वार,
तीन लोक के स्वामी शिव जी की, महिमा अपरम्पार।
लीला तिवानी
4.
#पायल
दादुर-मोर-पपीहा बोले, कजरी की छिड़ गई तान,
खनक चूड़ियों की गूंजे, घन में तड़ित दिखाए शान,
नेह निराला प्रीतम का, #पायल की रुनझुन बोले,
आएंगे मेरे साजन इस सावन, पूरे हों सब अरमान।
लीला तिवानी
5.
#नूपुर
पायल में लगी #नूपुर-झनकार,
मन को देती खुशियां अपार,
सोलह श्रृंगार से भूषित नारी,
पाती सुर-नर का स्नेहिल प्यार,
मन को मधुरिम कर जाती रुनझुन,
पुलकित हो उठते अंबर-अवनि-संसार।
लीला तिवानी
6.
#भारत
मैं भारत की, भारत मेरा, भारत जग की शान है,
गर्व मुझे मैं बेटी इसकी, इससे ही सम्मान है,
जगद्गुरु कहलाता था तब, अब भी राह दिखाता है,
तन-मन-धन इसको अर्पित है, मेरी यह पहचान है।
लीला तिवानी
7.
#पर्यावरण-पर्व
चारों ओर छाई है हरियाली,
लानी है हर चेहरे पर खुशहाली,
चलो मिलकर एक पेड़ ही लगाएं,
सावन को #पर्यावरण-पर्व बनाएं।
लीला तिवानी
8.
#सपने
जिंदगी एक छोटा-सा कमरा है,
जिसमें या #सपने रह सकते हैं या बहाने,
जिनके कमरे में सपनों का निवास है,
वे भर सकते हैं ऊंची उड़ानें।
लीला तिवानी
9.
#माधवी (बसंत ऋतु)
मखमली एहसास की चली हवा,
हुआ बसंत ऋतु का पुनरागमन,
महक उठे #माधवी में गेंदा-गुलाब-चमेली,
खिल उठा मन का मुरझाया चमन।
लीला तिवानी
10.
#माधवी (शहद)
पीर किसी की पिघल सकी तो,
#माधवी सम मधुरता तू पा जाएगा,
देख दुआओं-आशीषों के पर्वत को,
धन्य-धन्य तेरा जीवन हो जाएगा।
स्वरचित और मौलिक
लीला तिवानी
सम्प्रति ऑस्ट्रेलिया

*लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लीला तिवानी 57, बैंक अपार्टमेंट्स, प्लॉट नं. 22, सैक्टर- 4 द्वारका, नई दिल्ली पिन कोड- 110078 मोबाइल- +91 98681 25244