नाराज़गी रिश्ते का हिस्सा
जब भी तकरार,दिल में छुपा होता है,एक अपनापन। मौन की दीवार,सुनती है हर धड़कन,बिन कहे बातें। ग़ुस्सा भी तो है,प्यार
Read Moreजब भी तकरार,दिल में छुपा होता है,एक अपनापन। मौन की दीवार,सुनती है हर धड़कन,बिन कहे बातें। ग़ुस्सा भी तो है,प्यार
Read Moreधीरे से बोली,सुबह की पहली किरण —“उठो, मुस्कुराओ।” ओस की बूँदें,फूलों से बातें करतीं,सपनों की भाषा। मिट्टी की गोद में,एक
Read Moreमौन सिसकियाँ हैं,धुएँ में गुम आहटें,कौन सुनता है। अंतिम साँसों में,स्वार्थ का जाल गहरा,मनुष्य अंधा। श्रद्धा के नीचे,लालच की परछाईं,छिपी
Read Moreचाँदनी रात मेंतेरा चेहरा नजर आएख्वाबों की तरह सन्नाटा गहरीदिल में तू ही बसा हैहवाओं में तेरा नाम फूलों की
Read Moreओस की बूँदेंहरे पत्तों पर चमकतींसपनों की राह पुरानी रात छिपीअंधकार धीरे-धीरेरोशनी मुस्काए नीली हवा बहतीझूलती हैं शाखें पेड़ों कीखुशियों
Read Moreसुबह की किरण,जागे मन का संकल्प,सपनों को आकार। पथ चाहे कठिन,कदम दृढ़ और स्थिर हों,मंज़िल मुस्काए। संयम की डोरी,बाँधती मन
Read Moreगोवर्धन पर्वत,हरित मुकुट-सा नभ में,भक्ति की छाया। कृष्ण की मुस्कान,धरती का आशीर्वाद,मन में आलोक। गायों की रुनझुन,घंटों की मधुर तान,साँसों
Read Moreसूरज की किरणें,हँसी में बसी मिठास,सच्चा साथी। संग चलें हम सब,सारे ग़म हों दूर कहीं,मित्रता चमके। साँझ की हल्की हवा,पग-धुन
Read Moreआसमान की छांव मेंएक परिंदा उड़ता हैसपनों के संग बहार की खुशबू सेमitti की नमी में घुलतेसपने खिलते हैं चाँद
Read Moreसूरज ढलता है,पुराने स्वप्न जागते,धरा भी रोती। हवा की सरगम,सन्नाटे में गीत गाती,भीतर का शोर। स्निग्ध धुंध छाई,स्मृतियों की परतें
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