खोया गौरव को लौटाने की कोशिश
सूरज ढलता है,पुराने स्वप्न जागते,धरा भी रोती। हवा की सरगम,सन्नाटे में गीत गाती,भीतर का शोर। स्निग्ध धुंध छाई,स्मृतियों की परतें
Read Moreसूरज ढलता है,पुराने स्वप्न जागते,धरा भी रोती। हवा की सरगम,सन्नाटे में गीत गाती,भीतर का शोर। स्निग्ध धुंध छाई,स्मृतियों की परतें
Read Moreहाथ का स्पर्श,साया बनकर ढाँकता है,स्नेह की गर्मी। रात की चुप्पी,सपनों को सजाता है,ममता की छाया। पहली सीढ़ी,चलना सिखाए धैर्य
Read Moreबीज बोते हैं हम,स्नेह की मिट्टी में जड़ें,नम्रता खिलती। पानी की बूँदें,विश्वास की छाया देतीं,जिंदगी सजती। धूप की गर्मी में,सहनशीलता
Read Moreसपनों का आकाश,नन्हीं आँखों की चमक,राहें रोशन हों। माँ की दुआएँ,पिता की थमी हुई छाया,जीवन की छतरी। पढ़ाई की लौ,कभी
Read Moreमौसम की सरगमबिखरे स्नेह की धाराबंधन मुस्काए धूप की किरनेंरिश्तों को सींचती हैंमन का विश्वास प्यारे आलिंगनजैसे बगिया में फूलसुगंध
Read Moreसूरज की किरणेंचेहरे पर जब उतरेंखुशियों का रंग फूलों की महकहवा संग मिलती हैसुखद एहसास बूँदों की नृत्यझरनों की मधुर
Read Moreसपनों की डगर,सूरज संग बढ़ते कदम,आशा की किरन। राह कठिन सही,हौसले के संग चलो,जीत पास होगी। चोटियाँ ऊँची,मन की उड़ान
Read Moreरंगीन मेले,भीड़ में गुम हो जाता,चेहरा अकेला। रोशनी झिलमिल,शोहरत की ऊँची मीनार,रेत सा ढहती। तालियों की गूँज,कल तक थी सिरमौर,आज
Read Moreसूरज की पहली किरणमंद प्रकाश बिखेरेधरती मुस्काए फूलों की कोमल खुशबूहवा में घुलती जाएमन को सुकून दे नदी की कल-कल
Read Moreबर्फ़ पिघलती हैसूरज की हल्की छायानदी बह निकली सर्द हवाओं मेंपेड़ झुकते धीरे-धीरेपतझड़ की राह बारिश की बूँदेंखेतों में जीवन
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