कैसी यह रीति
अजब निराली ये रीति जगत की हो रसूक जिसका कोई बड़ा हो पद से धन से या फिर बल से
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Read Moreहाँ में हाँ मिलाता रहा जैसा दिखाया वैसा देखता रहा आज जैसे ही उनके सत्य को असत्य बताया बर्षों का
Read Moreबुढ़ापा क्या आया लोग हमें खुरापाती न जाने क्या क्या कहने लगे कभी कान में आवाज आती है इस उम्र
Read Moreबाजार में भगदड़ मची थी दुकानों के शटर गिर रहे थे सब्जी के ठेले वाले इधर उधर भाग रहे थे
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