मुलम्मा
सोचा कुछ लिखू आज खुद पर हिम्मत न हुईं लेकिन कैसे बयाँ करू सच अपना मैंने तो खुद पर एक
Read Moreबाजार में भगदड़ मची थी दुकानों के शटर गिर रहे थे सब्जी के ठेले वाले इधर उधर भाग रहे थे
Read Moreकिस पर करें विश्वास करें किस पर अविश्वास अभी अभी जो अर्धांगिनी अग्नि के सात फेरे दुःख सुख में साथ
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