तकिया चल पड़ा
शिरोधान गतिशील हुआ आजढूँढने श्रमजीवी के मस्तक-ताज।जिसने दिनभर पाषाण विदीर्ण कियाअसंख्य बोझ निज कंधों पर लिया।चतुष्पथ पर जो नित रहा
Read Moreशिरोधान गतिशील हुआ आजढूँढने श्रमजीवी के मस्तक-ताज।जिसने दिनभर पाषाण विदीर्ण कियाअसंख्य बोझ निज कंधों पर लिया।चतुष्पथ पर जो नित रहा
Read Moreआज वृद्ध माँ की मन, देर रात तकबहुत कचोटती रही,जो सदैव सूत की चाह किये।बेटी की उपेक्षाऔर कुलदीपक की इच्छा
Read Moreआज देखा रस्सियों पर अगणितकपड़े लटके हुएयह किस-किस के है,पता नहीं?पर सूख रहे हैंकभी हवा का झोंका सूखा रही हैतो
Read Moreपार्टी का बदलना मतलबविचारों का मर जाना होता हैकिसी दूजे पार्टी से जुड़नाउसके विचारधारा को अपनानाउस पर पक्ष निज रखना,दलील
Read Moreवे बहुत भूखे हैपर खाने के नहीतुम्हारे हिस्से खाने के।वो प्यासे भी हैपर नीर के नहीतुम्हारे देह में बहती रक्त
Read Moreवो कर रहे हैं चोरी और सीनाजोरीसदियों वर्षों सेऔर यह चोरी अनवरत भी जारी हैजबकि चोरी करने के बादलोग सक्ते
Read Moreआज बहुत दिनों बादशहर की सड़कों में टहलने निकला थाटहलते वक्तमेरी मुलाकातएक मेहतर से हो गयीदेखा उनको तो कीचड़ से
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