Author: नील मणि

कविता

स्त्री प्रेम

मैं जानती हूँशब्दों में नहींतुम्हारा प्रेमउपस्थिति में हैस्वीकृति में हैतुम्हारी चुप्पी में हैउपेक्षा नहीं सम्वेदना हैज़िम्मेदारी भरा अहसास हैमैं तुम्हारे

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भजन/भावगीत

या देवी सर्वभूतेषु

जहां स्त्री वहां सृजन शक्तिन सिर्फ जनन प्राण-शक्तिसंचालिका ऊर्जा प्रशक्तिदैवीय मूर्ति प्रति भक्तिना प्रतीकों प्रति आसक्तिदैविय मंत्रों की पंक्तिसमझे अर्थ

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