रौब झाड़ने की सनक
कुछ लोग, कुछ जातियां, कुछ वर्ग, रौब झाड़ने की सनक विरासत में पा लेना मानते हैं, वो इन्सानों को इंसान
Read Moreकुछ लोग, कुछ जातियां, कुछ वर्ग, रौब झाड़ने की सनक विरासत में पा लेना मानते हैं, वो इन्सानों को इंसान
Read Moreऊंचे आसमान पर आज नारी सफलतापूर्वक उड़ रही हैं, लोकतंत्र के हर मजबूत स्तंभ से जुड़ रही है, बेटियां विज्ञान
Read Moreक्या हम सिर्फ प्यार करते रहेंगे, एक दूजे को जताते रहेंगे, एक दूसरे को मनाते रहेंगे, नीरसता वाला व्यवहार निभाते
Read Moreयलगार करने के लिए कोई वक्त मुक़र्रर नहीं होता, हर समय किया जा सकता है, वो दौर और था कि
Read Moreजो जागता है, वहीं असलियत जानता है, तब वो सिर्फ सच को ही मानता है, सही गलत पहचानता है, सोये
Read Moreमैं समझ नहीं पा रहा हूं कि अपनी मौत कैसे देखूं, हां देखना है यार मुझे बनिस्पत इसके कि कोई
Read Moreमैं चकित हूं, हैरान हूं, और निराश हूं, कि जिन्हें काट डालने थे हर बंधन स्वेच्छा से वे अपना लिए
Read More