कैसी झूठी बात
पत्थर भी अपने चले, अपने ही थे हाथ।फिर कहते निर्दोष हैं, कैसी झूठी बात॥ आग लगाकर बस्तियाँ, करते ऊँची बात।आँसू
Read Moreपत्थर भी अपने चले, अपने ही थे हाथ।फिर कहते निर्दोष हैं, कैसी झूठी बात॥ आग लगाकर बस्तियाँ, करते ऊँची बात।आँसू
Read Moreभारत में मानसून केवल एक ऋतु नहीं है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था, कृषि, जल-संसाधनों और जनजीवन की धुरी है। सदियों
Read Moreनन्हे-नन्हे हाथ में, डॉक्टर वाला खेल।हँसकर सबको बाँटता, खुशियों वाली रेल॥ शीशी, सूई, दवा लिए, करता खूब इलाज।भोली-सी मुस्कान में,
Read Moreलखनऊ में हुए हालिया कोचिंग अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। धुएँ से घिरी इमारतें, चीखते-बिलखते
Read Moreएक घुटी-सी चीख है, सरयू तट की बात।बिन अपराधी श्रवण को, मार गया सम्राट॥राजमुकुट के तीर ने, कैसा किया प्रहार।बिन
Read Moreनन्हे-नन्हे पाँव हैं, सपनों की उड़ान।बचपन की किलकारियाँ, घर की हैं पहचान॥ साइकिल, गुड़िया, खिलौने, मन में भरे उमंग।हँसते-गाते बालपन,
Read Moreहम कच्चे से हैं घड़े, पिता कुशल कुम्हार।ठोक-पीटकर प्रेम से, देते सही आकार॥ सिर पर छाया बन खड़े, बने नीम
Read Moreभारतीय संविधान व्यक्तिगत स्वतंत्रता को लोकतांत्रिक शासन की आधारशिला मानता है। अनुच्छेद 21 के अनुसार किसी व्यक्ति को केवल विधि
Read More