निजीकरण का बोलबाला: सरकारी स्कूलों पर गहराता संकट
भारत की शिक्षा व्यवस्था आज एक गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है। पिछले एक दशक में लगभग 94
Read Moreभारत की शिक्षा व्यवस्था आज एक गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है। पिछले एक दशक में लगभग 94
Read Moreनन्हा-मुन्ना बच्चा आया,हाथ में फ़ोन उठाया।हैलो-हैलो बोल रहा है,जैसे दुनिया से बतियाया। कभी इधर तो कभी उधर देखे,को k?आँखों में
Read Moreछोटे-छोटे हाथों में,पकड़ी एक किताब,आँखों में है चमक भरी,जैसे खुला हो ख्वाब। दुकान के उस कोने में,खड़ा हुआ वो चुपचाप,चित्रों
Read Moreभारतीय समाज में विवाह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों का संबंध माना जाता है। यह संबंध
Read Moreनन्हे-नन्हे बच्चे आए,मंच पे मिलकर मुस्कुराए।रंग-बिरंगी लाइट जली,खुशियों की फिर धुन चली। नीली ड्रेस में गुड़िया प्यारी,परी जैसी लगती न्यारी।छोटे-छोटे
Read Moreआज के दौर में शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्त करने का साधन नहीं रह गई है, बल्कि यह एक तेजी से
Read Moreनन्हे-नन्हे हाथों में,जगमग करती ज्योति,मुस्काता सा चाँद लगे,उसकी प्यारी प्रीति। धीरे-धीरे कदम बढ़ाए,आँखों में उजियारा,छोटी-सी ये रोशनी भी,लगती कितना प्यारा।
Read Moreआज तुम्हारे ढोल से, गूँज रहा आकाश।बदलेगी सरकार कल, होगा पर्दाफाश॥ छुपकर बैठे भेड़िये, लगा रहे हैं दाँव।बच पाए कैसे
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