लंगड़ाकर चलना भला
जंजीरें यदि न कट सकें, बदलो अपनी चाल।लंगड़ाकर चलना भला, मत स्वीकारो जाल॥ बंधन चाहे लाख हों, मत खोना विश्वास।हिम्मत
Read Moreजंजीरें यदि न कट सकें, बदलो अपनी चाल।लंगड़ाकर चलना भला, मत स्वीकारो जाल॥ बंधन चाहे लाख हों, मत खोना विश्वास।हिम्मत
Read Moreघर-आँगन की छाँव में, पलते प्रेम-विचार।लोभ लगा जब मन कहीं, टूटे सब परिवार॥ माटी केवल खेत की, नहीं हृदय का
Read Moreहरियाणा में सामने आए 661 करोड़ रुपये के कथित आईडीएफसी बैंक प्रकरण ने केवल एक वित्तीय अनियमितता के आरोपों को
Read Moreकोई यहाँ कबीर है, लगता कोई मीर।भीतर-भीतर है छुपी, सबके कोई पीर।। हँसते चेहरों के तले, दर्दों की जागीर।बाहर सावन-सा
Read Moreनन्हे हाथ जब थाम लें,मिलता जग का मान।पापा संग हर मोड़ पर,खिल उठता अरमान॥ अँगुली पकड़ चलना सीख,सपनों को दे
Read More१नन्ही-नन्ही आँख में,सपनों का संसार।टैब संग सीख रहा,उज्ज्वल हो व्यवहार॥२मन लगाकर देखता,नई-नई हर बात।खेल-खेल में सीखता,जीवन की सौगात॥३जिज्ञासा की रोशनी,चमके
Read Moreभारत आज विश्व के सबसे तेज़ी से शहरीकरण करने वाले देशों में शामिल है। आर्थिक विकास, औद्योगीकरण, सेवा क्षेत्र के
Read Moreबादल है पर बूँद नहीं, कैसी ऋतु की चाल।प्यासे मन की देह पर, सूखा हर इक ताल॥ धरा तड़पती देखिए,
Read Moreसाहित्य किसी राष्ट्र की आत्मा का सबसे निर्मल स्वर है और साहित्यकार उस स्वर के अनथक साधक। वे शब्दों में
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