अहिंसा
जब बात अहिंसा की आती हैतो बापू की छवि सामने आ जाती है,बापू की दुहाई दी जाती हैबेसुरे राग में
Read Moreआज की ही बात हैरात के दो बज रहे थेमैं भी आप सबकी तरह हीअच्छा भला गहरी नींद में सो
Read Moreआजकल मेरी स्थिति बड़ी विचित्र हैआँखों में बस उसका ही चित्र है,सोते जागते उसकी सूरत अनायास ही घूम जाती है,न
Read Moreआज के व्यस्त जीवन मेंजब हमारा जीवन ही लगभग यांत्रिक हो गया हैहमारा अधिकांश वक्त भागते दौड़तेऔर शेष समय आभासी
Read Moreलीजिए फिर आ गया पितृपक्षहमारे आपके लिए अपने पूर्वजों के प्रतिश्रद्धा भाव का नाटक दिखाने के लिएसिर मुड़वाते तर्पण, श्राद्ध,
Read Moreयही आज की विडंबना हैजिसके दोषी हम आप भी हैं,गंगा में खड़े होकर,हाथ में गंगा जल लेकर भी यदि इससे
Read Moreसारिका का ब्याह हुए छः महीने हो गए ।भरा पूरा परिवार था, जिसमें सास ससुर, जेठ जेठानी और उनके बच्चे
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