दोहे गुड़ पर…
सर्द ऋतु रहना अगर, भैया तुमको मस्त । भोजन बाद गुड़ खाइये, पाचन रहे दुरस्त ।। मुख्य स्रोत आयरन का,
Read Moreसर्द ऋतु रहना अगर, भैया तुमको मस्त । भोजन बाद गुड़ खाइये, पाचन रहे दुरस्त ।। मुख्य स्रोत आयरन का,
Read Moreएक युग बीता एक युग आया युग आयेंगे जायेंगे … जो कर जाते काम सुनहरे युग-युग गाये जायेंगे… जी कर
Read Moreजो करते थे बुराई उनकी चौराहों पर वो आ ही गये हैं देखिये दौराहों पर डगमगा रही हैं आज इमारतें
Read Moreजब कोई मुझको बनाता है म़जा आता है बात अपनी वो छुपाता है म़ज़ा आता है हमने विश्वास किया शोख़
Read More(प्रधानमंत्री मोदी जी के “गोवा भाषण” पर कविता) आज फिर से एक बार, इतिहास दोहराया है छिनी घास की रोटी
Read Moreसंयोगवश शहर में एक ही दिन जालिम सिंह व धर्मचंद की मृत्यु हो गई । जालिम सिंह एक नम्बर का
Read More‘ नारायण-नारायण ‘ का नाम जप करते नारद एक दिन भगवान के पास पहुँच गये | नारद को देखकर भगवान
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