लघु-कथा – फरिश्ता
आजकल सावन मास के कारण मौसम में कभी भी अचानक बदलाव हो जाता है। आज जब घर से निकली तो
Read Moreआजकल सावन मास के कारण मौसम में कभी भी अचानक बदलाव हो जाता है। आज जब घर से निकली तो
Read Moreकई वर्षों पहले पीपल के वृक्ष के नीचे चबूतरे पर टोली बनाकर गुड्डा – गुड़ियों का विवाह करना जैसे; आदि
Read Moreगाँव में हमारा परिवार रहता था। परिवार में मैं, मेरे माता पिता, ताऊ जी ताई जी, उनका बेटा रोहन और
Read Moreरवि और नेहा शादी के बाद पहली बार छुट्टियां मनाने बाहर गए थे। दोनों एक कैफे में बैठे हुए थे,
Read Moreचार दिनों से मैं भारत दूर संचार निगम लिमिटेड के आफिस का चक्कर लगा लगा कर थक चुका था। आज
Read Moreसुरमू बच्चपन से ही शरारती था वैसे उसका स्कूल का नाम सुरम सिंह था लेकिन सभी उसे सुरमू ही बुलाते
Read More” प्रिया, मैं शाम को देर से आऊंगा।”” हम सब मित्र आज फ्रेंडशिप डे मना रहे हैं।”” मैं भी आ
Read More