खुशियों की तलाश
सब कुछ है, पर न जाने क्यों हमारा ही घर खुशियां तलाशता रहता है, मन ही मन रमा सोच रही
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Read Moreबला की खूबसूरत थी सुगंधा। मासूमियत ऐसी थी कि किसी को भी दीवाना बना दे। आजकल रेशमा आंटी के बेटे
Read Moreरात को सबके सो जाने के बाद मालती ने अपने पति जयंत के कान में धीरे से फुसफुसाया, ‘‘अजी सो
Read Moreआज से लगभग पचास वर्ष पहले की बात है । कोटधार की तलहटी में बसे एक गांव में एक अल्हड़
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