आजादी भाग –१३
बड़ी देर तक विनोद के पिताजी उसकी माँ के सामने उसके बारे में अनाप शनाप बयानबाजी करते रहे ।
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Read Moreविजय ने कहना जारी रखा ” हाँ ! असलम भाई नाम है उनका लेकिन लोग उनको ‘ भाई ‘ कहकर
Read Moreसिपाही का झन्नाटेदार थप्पड़ विजय के लिए अप्रत्याशित ही था । उसकी आँखों के सामने तारे नाच उठे । एक
Read More” लेकिन भाई ! वह मोटर तो बहुत बड़ा होगा न ? फिर हम लोग उसको कैसे उठा पाएंगे ?
Read Moreथोड़ी देर तक चारों सड़क के किनारे बने उस छोटे से खड्डे में दुबके पड़े रहे । पुलीस की जीप
Read Moreविनोद और कल्पना शर्माजी के साथ घर पहुंचे । पुलीस चौकी में हवलदार के व्यवहार ने दोनों के दिमाग में
Read Moreराहुल को प्याज छिलते हुए काफी समय हो गया था । उसके साथ ही प्याज छिल रहे लडके ने अब
Read Moreराहुल ने कई बाल्टी पानी लाकर भोजनालय के सामने रखा पानी का बड़ा ड्रम भर दिया । अब तक तक
Read Moreराहुल ने स्वतः ही सामने रखी बाल्टी उठा ली और बगल की दुकान के सामने लगी बोरिंग से पानी भरने
Read Moreराहुल कुर्सी पर बैठे बैठे ही सो गया था । पता नहीं कितनी देर तक वह ऐसे ही सोया रहा
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