दीपोत्सव
दीपोत्सव की मंगल घडियाँ। दमके तारे आँगन गलियाँ। दीप पुष्प-मालायें शोभित। रंगोली से अंतस मोहित।। लाल गुलाबी फूल पिरोएँ। घर-घर
Read Moreमंदिरों को तोड़ा,नहीं छोड़ा कभी हिंदुओं कोउनका खल बार-बार बनता बावर्ची सनातन की आस्था से खिलवाड़ करता हैयूं बक रहा
Read Moreपगलाया फिर पप्पुवा, बोले ऊल-जलूलबनकर अभियंता कुटिल,फूल बनाए शूलफूल बनाए शूल, मुवां जब बाहर जाएकरता है उपहास, युवा में आग
Read Moreपीट कोरिया को बने, हाकी में सरताजजीत गए एशिया कप, हम सबको है नाजहम सबको है नाज, अरे वो पाकिस्तानीतुम
Read Moreनिज कल्याण की भावना यदि मन में,मानव जीवन क्षमावान होना चाहिए।क्षमा को सर्व धर्मों का सार कहा गया,आत्म चिंतन आधार
Read Moreबेगानी सी दुनिया की, गलियों में गुम हुई,लग रहा नाम पता, खुद का भूलाने लगी।सोचा था कि भर दूंगी रंग
Read Moreपंखों में बल जोश हो, जिद जुनून विश्वास हो। बाहों में आकाश हो, सपनों का उल्लास हो। खुशियां हर दिल
Read Moreभारत देश महान है, विश्व करे गुणगान। ज्ञानी, ध्यानी जन यहां, सबका हैं सम्मान।। सबका हैं सम्मान, भावना शुभ संस्कारी।
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