संदेशपूर्ण चौपाईयाँ
मानवता का धर्म निभाना।ख़ुद को चोखा रोज़ बनाना।। बुरे सोच को दूर भगाना।प्रेमभाव को तुम अपनाना।।(1) दयाभाव के फूल खिलाना।पर-उपकारी
Read Moreमानवता का धर्म निभाना।ख़ुद को चोखा रोज़ बनाना।। बुरे सोच को दूर भगाना।प्रेमभाव को तुम अपनाना।।(1) दयाभाव के फूल खिलाना।पर-उपकारी
Read Moreबचपन की यादें सजीं ,ले मीठे अहसास । बचपन के दिन थे सुखद ,सचमुच बेहद ख़ास ।। दोस्त-यार सब थे
Read Moreहोने को अब जा रहा, जीवन का अवसान।कलुषित मन की कामना, बन्द करो श्रीमान।।—बढ़ती ज्यों-ज्यों है उमर, त्यों-त्यों बढ़ती प्यास।कामी
Read Moreसपने सतरंगी बुने, आँखों में उल्लास। गौरव, गरिमा देश की, सत्यार्थी विश्वास।। नारी सबला खुद बने, साहस से लबरेज। बाती
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