किस्मत (भाग – 3)
अभी तक हमने पढ़ा कि सुमि ने कॉलेज में एडमिशन ले लिया है और अपने दोस्तों के साथ वो अपनी
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Read Moreविंडो सीट पार्ट -१ : वर्षों बाद एक रेलयात्रा में सुरभि और समीर आमने-सामने आते हैं। कभी एक-दूसरे से गहरे जुड़े
Read Moreवो चेहरा… उसको पहले तो यहाँ कभी नहीं देखा था, लेकिन जिस दिन पहली बार नज़र आई, मेरी रग-ओ-पुख़्तगी जैसे
Read Moreस्वतंत्रता दिवस का समारोह सम्पन्न हो गया। अगले दिन सुबह की सैर के लिये जाते हुये राजीव ने देखा कि
Read Moreजब सभी आगन्तुक यथास्थान बैठ गये, तो ऋषि भरद्वाज ने श्री राम के प्रति स्नेह होने के कारण भरत जी
Read More“By the way, I’m kashish “, वह लड़की मुस्कुरा कर बोली। और मैं… इससे पहले कि विपुल खुद अपना नाम
Read Moreगुलमर्र्ग की वादी उस रोज़ सफ़ेद मख़मली चादर में लिपटी थी। देवदार के ऊँचे पेड़ ठंडी हवा में झूम रहे
Read Moreगर्मियों की छुट्टियों के समय कन्फर्म सीट मिलना कोई आसान बात न थी । भतीजी की सगाई एकदम से तय
Read Moreनिषादराज गुह हाथ जोड़कर बोले- “राजकुमार भरत जी! आप रात्रि को यहाँ सुखपूर्वक रहे हैं न? आपको सेना सहित कोई
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