रोटी का जुगाड़!
आज अम्मा बहुत खुश नजर आ रही थी, लेकिन कुछ दिन पहले तक क्या सोच रही थी!“फसल तो अच्छी हुई
Read Moreआज अम्मा बहुत खुश नजर आ रही थी, लेकिन कुछ दिन पहले तक क्या सोच रही थी!“फसल तो अच्छी हुई
Read More“वह धूप का टुकड़ा था या नारी की बेचारी अस्मत का साक्षी!” न धूप का टुकड़ा समझ पा रहा था
Read Moreआज अंजना बड़े ओहदे वाली थी, उसके घर में पीने को बहुत पानी था और समाज में इज्जत का पानी
Read Moreअर्पिता का पहला प्रेम योग था और वह अपना योग स्टूडियो चला रही थी, लेकिन 22 साल की उम्र में
Read Moreसमाचार जानने के लिए वह अखबार का जमाना था. मिन्नी ने एक दिन एक समाचार पढ़ा और एकदम शोर मचा
Read More“देखो अपने गाँव का अमित पूरे प्रखंड में अव्वल आया है मेट्रिक की परीक्षा में।” दीपक बाबू ने कहा।“अरे वाह।
Read Moreहर दोपहर कविता कहती — “मैं आराम कर रही हूँ।” पर हकीकत में वह रोती थी — टिफ़िन बनाते समय
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