महँगा पेट्रोल
पेट्रोलों के बढ़ गए, देखो फिर अब भाव।महँगाई की मार से, डगमग सबकी नाव।। ट्रैक्टर, बस, ट्रक सभी, माँग रहे
Read Moreपेट्रोलों के बढ़ गए, देखो फिर अब भाव।महँगाई की मार से, डगमग सबकी नाव।। ट्रैक्टर, बस, ट्रक सभी, माँग रहे
Read Moreरील-शोहरत का लगा, अब तो ऐसा रोग।लाज-शरम सब बेचते, वाह-वाह के लोग।। लाइक-शेयर की भूख में, बेच रहे संस्कार,प्रसिद्धि की
Read Moreदेख सिकरी आगरा, ‘सौरभ’ है हैरान।खाली है दरबार सब, महल पड़े वीरान।। कल जिनके आदेश पर, झुकता था संसार,आज हवा
Read Moreलोगों का क्या? कहते कुछ भी, आगे बढ़ते जाना है।पथिक हैं हम और पथ जीवन है, चलते-चलते गाना है।।नहीं किसी
Read Moreगर्मी आई गाँव में, तपने लगा जहान।मटके वाला जल बना, जैसे अमृत-दान।। सूरज बरसे आग-सा, झुलसे खेत-खलिहान,प्यासे पंछी ढूँढते, छाँव
Read Moreअमराई की छांव सुहानी, मनवा गीत सुनाए है,भीनी-भीनी खुशबू से, यह जीवन महकाए है। कोयल मीठी तान सुनाए, पवन रागिनी
Read Moreकॉकरोच को तुच्छ कह, भरते मन अभिमान।भीतर बैठे भेड़िए, ऊपर मीठी तान।। लोमड़ जैसी चाल से, करते रोज़ शिकार,गिरगिट जैसे
Read Moreलिखने वाले बढ़ गए, घटते गए विचार।बिन पढ़े ही बन रहे, मंचों के सरदार।। दो पंक्ति फेसबुक लिखी, बन बैठे
Read Moreकॉकरोच कहकर जिन्हें, समझा था कमजोर।डिजिटल होते दौर में, वही बने सिरमौर॥ मीमों वाली चोट से, हिलने लगे विचार,हँसते-हँसते बोलते,
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