दोहे – योगी
1.जीवन सादा जो रखे, वह योगी है आप।मन से करता साधना, हरे पाप संताप॥2.निर्मल मधुमय भावना, योगी की है रीत।जीवन
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Read More1.देवदूत के मायने, परहित के आधार।करते मन से चाह वे, सपने हों साकार।।2.जीवन उनका धन्य है, जो करते पर काज।देवदूत
Read Moreआप सभी को मैं करूँ, शत-शत बार प्रणाम।आओ मिलकर हम लिखें, नव जीवन आयाम।। जन्म दिवस फिर आ गया, मुझको
Read Moreजितना देते हम रहे, उनको ज्यादा मान।उतना ही वे फैलकर, दिखा रहे हैं शान।दिख लाया जब आइना, लगे चुराने आँख।जाने
Read Moreमन का दर्पण जब चमकेगा,महक जाएगा जीवन।मन में पावनता महकेगी,दमक जाएगा जीवन।मन को मंदिर जैसा मानो,जीवन बने सुहावन,मन का पंछी
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