दोहा
अपना कोई है नहीं, आप लीजिए जान।केवल सतगुरु आपका, यही आज का ज्ञान।। झ नहीं यदि आ रहा, करिए आप
Read Moreमुस्कानों की ओट में, छुपा हुआ अवसाद।हर रिश्ता अब बन गया, मतलब का संवाद॥ अपने ही जब दे गए, दिल
Read Moreजन्मदिवस हनुमान का, हर्षित सीता राम |बिगडे़ काम संवारता, है हनुमत का नाम |भक्त अनोखा हो गया, सिया राम का
Read Moreठोकर खाकर भी उठा, हार न थी मंजूरतेज भाग कर मिल गयी, मंजिल जो थी दूर एक पैर जब कट
Read Moreप्यासे को पानी मिला अधरों की मुस्कान।बस इतनी सी चाहत लिए फिरें इंसान।।गांवों में अब है कहां, हरियाली की आस।सांसों
Read Moreआज तुम्हारे ढोल से, गूँज रहा आकाश।बदलेगी सरकार कल, होगा पर्दाफाश॥ छुपकर बैठे भेड़िये, लगा रहे हैं दाँव।बच पाए कैसे
Read Moreपैदा क्यों होते नहीं, भगत सिंह से वीर,माटी अब भी पूछती, कब जागेगी पीर? स्वप्न सिसकते रह गए, कहाँ गई
Read Moreभगत सिंह, सुखदेव क्यों, खो बैठे पहचान।पूछ रही माँ भारती, तुम से हिंदुस्तान।। भगत सिंह, आज़ाद ने, फूंका था शंख
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