मुक्तक/दोहा

मुक्तक/दोहा

आँगन की मुस्कान

नन्हे-नन्हे पाँव हैं, सपनों की उड़ान।बचपन की किलकारियाँ, घर की हैं पहचान॥ साइकिल, गुड़िया, खिलौने, मन में भरे उमंग।हँसते-गाते बालपन,

Read More