जीवन जीना इस तरह
करते केवल कर्म हैं, नहीं चाहिए ताज। कल की चिंता ना करें, जीते हैं बस आज।। जीवन खुली किताब है,
Read Moreकरते केवल कर्म हैं, नहीं चाहिए ताज। कल की चिंता ना करें, जीते हैं बस आज।। जीवन खुली किताब है,
Read Moreआन-बान सब शान है, और हमारा गर्व।हिंदी से ही पर्व है, हिंदी सौरभ सर्व।। हिंदी हृदय गान है, मृदु गुणों
Read Moreबोल-तोल बदले सभी, बदली सबकी चाल।परभाषा से देश का, हाल हुआ बेहाल॥ जल में रहकर ज्यों सदा, रहती प्यासी मीन।होकर
Read Moreमाँ की ममता प्यार अनूठा हिन्दी में,मौसी का दुलार छिपा है हिन्दी में।बुआ की सारी ममता भाई बच्चों पर,बहनों का
Read Moreपतझड़ चाहे छीन ले, पत्तों का संसार।फिर हर डाली पर खिले, नवजीवन के हार॥ सूनी राहें देखकर, मन मत करो
Read More1.नीरजा में जो विरह राग लिखा, हे महादेवी तुमको प्रणाम |यामा में जो पीड़ा का साज लिखा, हे महादेवी तुमको
Read Moreअस्सी के बस चित्र से, खुश होते हो आज।सोचो उस तस्वीर में, कैसा बसा समाज॥ रिश्ते अपनापन लिए, दिल में
Read Moreअस्सी का वह दौर था, रिश्तों में था प्यार।अब रिश्ते है फोन में, सूना है घर-द्वार॥ थोड़ा था पर बाँटकर,
Read Moreउगता सूरज कह रहा, गहन निशा के बाद ।आती है सुख भोर की, रखना बस यह याद ।। — साधना
Read Moreथम थम कर क्यों बज रही, पायल तेरी बोल।झुमकी धरती पर मिली,राज जरा तू खोल।। छेड़ नहीं मुझको प्रिये,जाने तू
Read More