मुक्तक/दोहा

मुक्तक/दोहा

मुक्तक

होली मस्ती लेकर आई,खेल रहे कन्हाई।बरसाने से राधारानी,दौड़ी-दौड़ी आई।खेल रहे ग्वाले-ग्वालाएँ,मुखड़े हैं रंगीन,रंग-अबीरों की आभा तो,सारे ब्रज में छाई।। खेल

Read More