हसरतों से गुजारिश है कि कहीं और जा बसें
थकी सी राहें,सपनों की धूल उड़े,मन खो जाए। चाँदनी फीकी,रात कुछ कहती है,ख़ामोशियाँ भी। मंज़िल न पूछो,कदम थम जाएँ जब,हवा
Read Moreथकी सी राहें,सपनों की धूल उड़े,मन खो जाए। चाँदनी फीकी,रात कुछ कहती है,ख़ामोशियाँ भी। मंज़िल न पूछो,कदम थम जाएँ जब,हवा
Read Moreजब भी तकरार,दिल में छुपा होता है,एक अपनापन। मौन की दीवार,सुनती है हर धड़कन,बिन कहे बातें। ग़ुस्सा भी तो है,प्यार
Read Moreधीरे से बोली,सुबह की पहली किरण —“उठो, मुस्कुराओ।” ओस की बूँदें,फूलों से बातें करतीं,सपनों की भाषा। मिट्टी की गोद में,एक
Read Moreमौन सिसकियाँ हैं,धुएँ में गुम आहटें,कौन सुनता है। अंतिम साँसों में,स्वार्थ का जाल गहरा,मनुष्य अंधा। श्रद्धा के नीचे,लालच की परछाईं,छिपी
Read Moreचाँदनी रात मेंतेरा चेहरा नजर आएख्वाबों की तरह सन्नाटा गहरीदिल में तू ही बसा हैहवाओं में तेरा नाम फूलों की
Read Moreओस की बूँदेंहरे पत्तों पर चमकतींसपनों की राह पुरानी रात छिपीअंधकार धीरे-धीरेरोशनी मुस्काए नीली हवा बहतीझूलती हैं शाखें पेड़ों कीखुशियों
Read Moreसुबह की किरण,जागे मन का संकल्प,सपनों को आकार। पथ चाहे कठिन,कदम दृढ़ और स्थिर हों,मंज़िल मुस्काए। संयम की डोरी,बाँधती मन
Read Moreगोवर्धन पर्वत,हरित मुकुट-सा नभ में,भक्ति की छाया। कृष्ण की मुस्कान,धरती का आशीर्वाद,मन में आलोक। गायों की रुनझुन,घंटों की मधुर तान,साँसों
Read More1 फागुन आयाखिले टेसू के फूलकब आओगे2होली के गीतपिया हैं परदेशउमंग नहीं3लाल गुलालसजनी का इशारामस्त है होली। — निर्मल कुमार
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