गहरा सच
चुप्पी बोलती हैभीड़ के शोर मेंसच अकेला ओस की बूँदसूरज से पहलेआईना बनती सूखे पत्तेहवा से पूछतेजड़ें कहाँ रात का
Read Moreनन्हे कदम चलेधर्म की राह पकड़करइतिहास ठहर गया मासूम आँखों मेंडर नहीं, बस विश्वासदीपक-सा उजास सिंहासन काँपाजब शिशु ने सत्य
Read Moreचूल्हे की आँचदादी की हथेलीसंस्कार जगे पीपल की छाँवकथाएँ साँस लेंजड़ें गहरी मिट्टी का दीपपीढ़ियों का उजासरात हरे बोली की
Read Moreमन की नोक परटिकी हुई एक दृष्टिलक्ष्य सन्नाटा शब्द थम जातेजब ध्यान बोल उठताराह चमकती बिखरा जो मनहार की छाया
Read Moreसर्द हवाओं में,दिल की हल्की धड़कन,सहानुभूति। बरसात की बूँदें,मिट्टी की खुशबू से,जगती यादें। अकेलेपन में,किसी की मुस्कान की,मुलायम छाया। सूरज
Read Moreसांझ की चुप मेंथके पत्तों की सरसराहट—दिल का बोझ उतरता। टूटी किरणें भीनए सवेरे का वादाधीमे से दोहरातीं। बंद खिड़कियों
Read Moreधुंधली राह मेंएक दीप जल उठतामन को राह दे। थमी हवाओं मेंउम्मीद की सरगर्मीफिर से लौट आए। सूखे पत्तों मेंजीवन
Read Moreशब्दों की सरिताधीरे-धीरे बहती हुईमन को सींचे सुनने के क्षण मेंदूसरों का धड़कन-सत्यधीमे प्रकट हो वाणी के पीछेछिपी हुई भावनाएँकान
Read Moreगर्मी की धूपसड़क के धूल में बसीमौन की आह साँसों की राहदिल की वीरानी में खोएक अधूरी धुन सुनसान शामछाँव
Read Moreशांत झरना गाएपगडंडी पर चाँद उतरेमन में कंपन हो दूर कहीं सेहवा फूलों को छू आएभीतर रौशनी हो कोमल स्पर्श
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