हाइकु/सेदोका

हाइकु/सेदोका

सतगुरु देव

फायकू – सतगुरु देव  सतगुरु केवल शब्द नहीं जीवन आधार है तुम्हारे लिए।  जिसने जानी सतगुरु माया उसकी बदली काया तुम्हारे लिए।  सतगुरु केवल

Read More
हाइकु/सेदोका

अन्त में सिर्फ अन्त ही होता है

ढलती धूप कहेपत्तों पर अंतिम स्पर्शसमय मुस्काए शाख से गिरकरपत्ता धरती से मिलेचक्र पूर्ण हुआ साँझ की निस्तब्धपगडंडी सुनसान हैकदम

Read More
हाइकु/सेदोका

पतों से हो गई है रिश्तों की उम्र

पतझड़ की हवा,रिश्तों के रंग उड़े,साँसें गुम हो गईं। सूखे पत्तों में,बीती यादें बिखरी हैं,हृदय रोता है। सन्नाटा छाया,बातें अधूरी

Read More