ख़ामोश अकेलापन
सन्नाटे की छाया,पतझड़ पत्तों की तरह,अकेले कदम चलते। चाँदनी रात में,साया भी कहता है,कौन सुनता है दिल की। हवाओं की
Read Moreसन्नाटे की छाया,पतझड़ पत्तों की तरह,अकेले कदम चलते। चाँदनी रात में,साया भी कहता है,कौन सुनता है दिल की। हवाओं की
Read Moreछोटे कदम बढ़ाएअँधेरे में भी रोशनीमन ने दी हिम्मत सपनों की उड़ानभूल न सके अपने भयहवा से बातें करें नदी
Read Moreओस से भीगी सुबह,काँपता पत्ता मुस्काए,हवा थाम लेती है। चुप्पी की गोद में,शब्द अपने आप झुकें,आँखें सच पढ़ लें। कठोर
Read Moreसुबह की किरणओस में मुस्काननव जीवन जागे हल्की सी हवापत्तों की सरसरमन हो निर्मल नीला आकाशउम्मीद की उड़ानस्वप्न सजें मौन
Read Moreभोर की घंटीकक्षा में उजासप्रश्नों की धड़कनस्याही में सपनेकिताबों की सांसशिक्षक का मौनदिशा बन जातायुवा आंखों मेंभविष्य की लौतर्क की
Read Moreराह में पत्थरकदम ठिठके पल भरहौसला आगे अंधेरी रातदीपक खुद बनना हैसूरज भीतर टूटी उम्मीदफिर भी बीज बोनाकल की खातिर
Read Moreझुका हुआ वृक्षफल से भरी डालियों मेंआभार बोलता है नदी का पानीनीचे बहते हुए भीसमुद्र रचता है माटी की खुशबूपाँव
Read Moreजरूरतें बोलींरोटी पहले चाहिएसपने बाद में जिम्मेदारियांकंधों पर चुपचापवक्त का बोझ ख्वाहिशें हँसींआंखों में रंग भरउड़ना चाहा थाली में सादामन
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