माफी की अहमियत
खामोश दिल बोलेएक शब्द में पिघलेजमी हुई दूरी झुकी हुई आँखों मेंसच की हल्की रोशनीरिश्ते मुस्काएँ माफी का एक लम्हासदियों
Read Moreखामोश दिल बोलेएक शब्द में पिघलेजमी हुई दूरी झुकी हुई आँखों मेंसच की हल्की रोशनीरिश्ते मुस्काएँ माफी का एक लम्हासदियों
Read Moreबोया गया बीजमिट्टी से कुछ न बोलाजड़ें मजबूत सुबह की ओसपत्थर पर गिरकर भीरास्ता खोजे चुपचाप दीपकअंधेरे से लड़ता हैबिना
Read Moreचुपचाप बहतादिल का कोमल दरियाशोर से डरता इश्क की भाषाआहिस्ता सी होती हैहुक्म नहीं माँगे नज़रों की लय मेंअगर तकरार
Read Moreसुबह का सूरज उगा,महान भाषणों की प्रतिध्वनि,दिल श्रद्धा में झुके। नर्म नदियाँ बहें,देश के सपनों को लिए,बुद्धि हमारे पथ दिखाए।
Read Moreनन्हे कदम चलेधर्म की राह पकड़करइतिहास ठहर गया मासूम आँखों मेंडर नहीं, बस विश्वासदीपक-सा उजास सिंहासन काँपाजब शिशु ने सत्य
Read Moreचूल्हे की आँचदादी की हथेलीसंस्कार जगे पीपल की छाँवकथाएँ साँस लेंजड़ें गहरी मिट्टी का दीपपीढ़ियों का उजासरात हरे बोली की
Read Moreमन की नोक परटिकी हुई एक दृष्टिलक्ष्य सन्नाटा शब्द थम जातेजब ध्यान बोल उठताराह चमकती बिखरा जो मनहार की छाया
Read Moreसर्द हवाओं में,दिल की हल्की धड़कन,सहानुभूति। बरसात की बूँदें,मिट्टी की खुशबू से,जगती यादें। अकेलेपन में,किसी की मुस्कान की,मुलायम छाया। सूरज
Read Moreसांझ की चुप मेंथके पत्तों की सरसराहट—दिल का बोझ उतरता। टूटी किरणें भीनए सवेरे का वादाधीमे से दोहरातीं। बंद खिड़कियों
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