मुस्कुरा रही मातारानी (राधेश्यामी छंद)
नौ दुर्गा का अवतार लिए, मुस्कुरा रही मातारानी,धूम मची है नवरात्रों में, गज सवार श्री मातु भवानी । इन शारदीय
Read Moreनौ दुर्गा का अवतार लिए, मुस्कुरा रही मातारानी,धूम मची है नवरात्रों में, गज सवार श्री मातु भवानी । इन शारदीय
Read Moreचोर को अवसर दोगे,तो घर का सुकून लूट जाएगा,झूठ को जगह दोगे,तो विश्वास का दीप बुझ जाएगा,लालच को मन में
Read More१) शान्ति को कमजोरी न समझनायह है अदम्य शक्ति की निशानीकभी-कभी उज्जवल कल के लिएझुक जाने में कुछ बुराई नही
Read Moreमुरुद-जंजीरा की धरती पर, जब एक प्रभात खिला,एक जनवरी उन्नीस सौ इक्यावन, नया अध्याय मिला।दिनकर के संस्कार मिले, माँ की
Read Moreहम तुम जब हैं साथ साथ तो, लोगों से क्या डरना है।राह सत्य की चलते रहना, काम सही जो करना
Read Moreउठो सफलता खड़ी सामने, मंजिल को अब पाना है।सागर हो कितना भी गहरा, मोती चुन के लाना है।गिरें नहीं बस
Read Moreभारत देश हमारा त्योहारों का धाम है,ये खुशियों और आस्था का देता पैगाम है।होली में रंगो की बरसती फुहार है,दीवाली
Read Moreजिस आवाज़ में था सच का साहस,जिस आँखों में था “दर्द”, देता राहत।जिसके संवाद में जीवन बोलता था,आज वो ही
Read Moreहाथों में मोबाइल थामे,एक कोने में बैठे हैं,काम-धाम से नाता टूटा,बस रील्स में ही खो ऐंठे हैं,आज सुबह की धूप
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