बाल साहित्य

बाल कविता

बाल कविता – मेरे प्यारे पिता जी

मेरे प्यारे पिता जी हैं,सबसे अच्छे साथी।मुझे खिलाते, मुझे हँसाते,बातें करते प्यारी।उँगली पकड़ चलना सिखाया,सही राह दिखलाई।गिर जाऊँ जब खेल-खेल

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