मेढकी मेढक से बोली
मेढकी एक दिन मेढक से बोली,तुम ले चलो हमको नदी किनारे।ये गर्मी का मौसम जो आया है,नहाना चाहती हूँ मैं
Read Moreमेढकी एक दिन मेढक से बोली,तुम ले चलो हमको नदी किनारे।ये गर्मी का मौसम जो आया है,नहाना चाहती हूँ मैं
Read Moreनन्हा मोनूपढ़ना चाहता हैऔर बच्चों की तरहवह भी पतंगउड़ाना चाहता हैआसमां मेंवह तितलियों सेखेलना चाहता हैमोहल्ले के बच्चों संगपर उसके
Read Moreचींटी रोज मेरे घर आती है,झोले में रखे गुड़ खाती है। गुड़ खा-खाकर खूब हंसती हैं,अपने बच्चों को भी लाती
Read Moreधूम रसायन से भर डाला।नील गगन काला कर काला।। औंधा है ज्यों बड़ा कटोरा।नहीं समझना ओढ़ा बोरा।।सहज स्वच्छ हो गगन
Read Moreकुर्सियों का किला बनाया,घर के बीचों-बीच।तीनों बच्चे खेल रहे थे,खुशियाँ लेकर नीड़। कुशन रखकर छत बना ली,दीवारें भी चार।छोटा-सा वह
Read Moreकभी न कहें जो ‘ना’ वो नानी है,नाना-नानी की गोदी प्यारी,मिलतीं वहाँ मनचाही चीजें,नखरे उठाती नानी हमारी। नानी का घर
Read Moreनन्हे हाथों में बल्ला है,आँखों में अरमान।आँगन ही बन गया आज,सपनों का मैदान॥ हँसी-ठिठोली, दौड़-भाग,मस्ती की भरमार।जीत-हार से दूर हैं,प्यारा
Read More1 हरी छरहरी, लंबी काया।फाइबर देकर पेट बचाया।तन में रक्त बढ़ाने वाली।विटामिन – सी की भरी हूँ प्याली। 2 मेरा
Read Moreनन्हे-नन्हे हाथ में, डॉक्टर वाला खेल।हँसकर सबको बाँटता, खुशियों वाली रेल॥ शीशी, सूई, दवा लिए, करता खूब इलाज।भोली-सी मुस्कान में,
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