हिंदी दिवस का संदेश: मातृभाषा में शिक्षा ही वास्तविक प्रगति
मातृभाषा केवल संवाद का साधन नहीं, बल्कि हमारी पहचान और संस्कृति से जुड़ाव का माध्यम है। नई शिक्षा नीति (2020)
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Read Moreभारत को यदि “भाषाओं का उद्यान” कहा जाए तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी। यहां की विविधता केवल संस्कृति, वेशभूषा और
Read Moreमातृभाषा केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं होती। उससे व्यक्ति के जीवन की शुरुआत के संस्कार जुड़े होते हैं, इसलिए वह
Read Moreभाषा केवल संवाद का साधन नहीं होती, बल्कि वह संस्कृति, पहचान और भावनाओं की अभिव्यक्ति का भी माध्यम है। हिंदी,
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Read Moreलेखक की सबसे बड़ी पूँजी उसके शब्द और उसकी स्वतंत्रता है, न कि सत्ता से नज़दीकी की तस्वीरें। प्रभावशाली व्यक्तियों
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Read Moreकिताबें केवल काग़ज़ के पन्नों का ढेर नहीं होतीं। ये मानव के सदियों पुराने अनुभव, ज्ञान, आशाएँ और आँसुओं का
Read Moreभारत अपने कई क्षेत्रों में कई प्राचीन और भाषाई रूप से समृद्ध भाषाओं का घर है। एक ही घर में,
Read Moreकविता एक साहित्यिक विधा है, जिसमें भावनाओं, विचारों और अनुभवों को शब्दों के माध्यम से व्यक्त किया जाता है। कविता
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