प्रेमचंद का साहित्य कहानी या उपन्यास नहीं, एक विचारधारा है
मुंशी प्रेमचंद का जन्म 31 जुलाई 1880 को वाराणसी (तत्कालीन बनारस) के समीप एक छोटे से गाँव लमही में हुआ
Read Moreमुंशी प्रेमचंद का जन्म 31 जुलाई 1880 को वाराणसी (तत्कालीन बनारस) के समीप एक छोटे से गाँव लमही में हुआ
Read Moreप्रकृति के सुकुमार कवि ‘ पंत ‘ ने लिखा-” झम झम झम झम मेघ बरसते हैं सावन के ,छम छम
Read Moreआज के अधिकांश अख़बारों से साहित्यिक पन्ने या तो पूरी तरह गायब हो चुके हैं या केवल खानापूरी तक सीमित
Read Moreसंविधान निर्माण के समय जो भी स्थितियां या कारण रहे हों, मैं समझता हूं कि संविधान का अनुच्छेद 348 जनतांत्रिक
Read Moreनई लेखिकाओं के उभार के साथ-साथ जिस तरह साहित्यिक मंडियों में उनकी रचनात्मकता की बजाय उनकी देह, उम्र और मुस्कान
Read Moreजैसा कि जर्मनी से जापान के वैश्विक उदाहरणों में मूल भाषा की शिक्षा के मूल्य की पुष्टि की गई है,
Read Moreसाहित्य का असली मक़सद तो समाज की सच्चाई को उजागर करना, लोगों के जज़्बात और दर्द को आवाज़ देना था।
Read Moreअवध की पुण्य सलिला सरयू की शस्य श्यामला पावन भूमि गोण्डा की धरती पर भगवान राम के गोवंश का अमृत
Read Moreसोचा आज तकलीफ को तकलीफ का एहसास करा दू- मैं उफ्फ़ कितना दर्द है इन लिखी पंक्तियों मे। एक लेखक
Read Moreपंद्रहवीं सदी में महान धार्मिक संत कबीर ऐसे काल में अवतरित हुए जब इस्लाम व सनातन धर्म के अनुयायियों में
Read More