लापता बेटी की तलाश में सिर्फ पुलिस नहीं, पूरा समाज चाहिए
किसी बच्चे के लापता होने की खबर को हम अक्सर एक छोटे-से पुलिस केस की तरह पढ़ते हैं—नाम, उम्र, पता
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Read Moreमोहल्ले के नुक्कड़ पर बिछी वह लकड़ी की बेंच आज भी वहीं है, लेकिन उस पर बैठने वाले खादी के
Read Moreकिसी समाज की असली परीक्षा तब होती है, जब प्रेम, आस्था और कानून आमने-सामने हों। महाराष्ट्र में धर्म स्वतंत्रता अधिनियम,
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Read Moreक्या उसे गरीब आदमी की बेटी होने के कारण क्षमा मिल गई? यहाँ के मुद्दे पंचायतें, पितृसत्ता और न्याय का
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