शहर कभी नहीं सोता, लेकिन उसकी कीमत कौन चुकाता है
रात अब घड़ी में आती है, शहर में नहीं। घड़ी बारह बजने का ऐलान करती है, लेकिन शहर का दिन
Read Moreरात अब घड़ी में आती है, शहर में नहीं। घड़ी बारह बजने का ऐलान करती है, लेकिन शहर का दिन
Read Moreमानसून के आगमन से उत्तर भारत में एक विशेष आकर्षण आ जाता है। सावन और तीज के दौरान हरे-भरे खेतों,
Read Moreडॉ. विजय गर्ग हर पीढ़ी अपने समय की कुछ विशेष आकांक्षाओं और सफलता के मापदंडों के साथ बड़ी होती है।
Read Moreभाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह किसी भी समाज के चरित्र का दर्पण होती है। यह संस्कृति
Read Moreहौसलों में अगर उड़ान हो तो मंजिल निश्चित है, जीवन में कठिनाइयाँ आएंगी लेकिन फिर भी मंजिल मिलना निश्चित है
Read Moreहरियाणा के जींद जिले में नौगामा खाप की महापंचायत द्वारा प्रेम विवाह करने वाले जोड़ों के 21 गांवों में प्रवेश
Read Moreप्रकृति जब अपनी तमाम नेमतों और रंगों के साथ खुलकर मुस्कुराती है, तो वह पल केवल ऋतु परिवर्तन का नहीं,
Read Moreसमाज की संवेदनहीनता अब कोई छिपी हुई बीमारी नहीं, बल्कि खुले घाव की तरह फैल रही है। जब कोई पिता,
Read Moreकुछ घटनाएं सिर्फ खबर नहीं होतीं, बल्कि समाज के सामने एक आईना बनकर खड़ी हो जाती हैं। हरियाणा के सोनीपत
Read Moreसमाज की पहचान उसकी ऊँची इमारतों, चौड़ी सड़कों, बढ़ती अर्थव्यवस्था या आधुनिक तकनीक से नहीं होती। किसी भी सभ्यता का
Read More