सामाजिक

ज्ञान आधारित समाज

तद्विद्धि प्रणिपातेन परिप्रश्नेन सेवया। उपदेक्ष्यन्ति ते ज्ञानं ज्ञानिनस्तत्त्वदर्शिनः।। श्रीमद भगवत गीता के चौथे अध्याय में लिखा गया 34 वां श्लोक

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