पाठक न्यायाधीश की तरह होता है
मैं हास्य-व्यंग्य रचनायें लिखता रहता हूँ। लिखना अच्छा लगता है। पाठकगण जब पढ़ कर वाह-वाह कर उठते हैं। मेरा भी
Read Moreमैं हास्य-व्यंग्य रचनायें लिखता रहता हूँ। लिखना अच्छा लगता है। पाठकगण जब पढ़ कर वाह-वाह कर उठते हैं। मेरा भी
Read Moreहर साल 8 मई को मानवता, सेवा, करुणा और निःस्वार्थ सहायता के भाव को समर्पित विश्व रेड क्रॉस और रेड
Read Moreझूठों के दरबार में, सच बैठा है मौन,घेरे घोर उदासियाँ, सुनता उसकी कौन॥ मंचों पर सच हारता, झूठ करे अभिनंदन,सिक्कों
Read Moreलगता खूब अजीब है, रिश्तों का संसार,अपने ही लटका रहे, गर्दन पर तलवार॥ चेहरों पर मुस्कान है, भीतर गहरा वार,मीठी
Read Moreशादी कोई सत्ता-संघर्ष नहीं, बल्कि दो व्यक्तियों के बीच भरोसे, सम्मान और जिम्मेदारी का रिश्ता है। लेकिन हमारे समाज में
Read Moreबड़े शहरों में फ्लैट संस्कृतिअब घरों में देहरी नहीं होती! जिसे देख समझाया था, कभीदेहरी पार करने का मतलब,अब घुटनों
Read Moreअंद्रेटा: मिन्नी कहानी लेखक मंच (पंजी.) अमृतसर पंजाब और आदरा मिन्नी मैगज़ीन की तरफ से हिमाचल प्रदेश की पहाड़ियों में
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