Category : संस्मरण

  • अतीत की अनुगूंज – 2 : छतरी

    अतीत की अनुगूंज – 2 : छतरी

    बाल्यावस्था की बात करूँ तो सबसे बड़ी विडम्बना होती है मानव बुद्धी का तेज विकास और उसी अनुपात में अनुभवशून्यता ! बच्चे इन दो विरोधी तत्वों के अंतराल में किस प्रकार उलझते हुए विकसित  होते हैं इसका...

  • यादों के झरोखे से-1

    यादों के झरोखे से-1

    इनाम की अठन्नी आज से लगभग पचास वर्ष पूर्व की बात है, जब मैं छठी कक्षा में पढ़ती थी। तब हिन्दी और संस्कृत के अध्यापक प्रायः धोती पहना करते थे और पंडित जी कहलाते थे। हमारे...

  • अतीत की अनुगूंज -1

    अतीत की अनुगूंज -1

    भारत छोड़ने के बाद मैंने अध्यापन में पुनः अपना भाग्य बनाया। पहले दस वर्ष लंदन के उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में गणित पढ़ाया परन्तु फिर गणित पढ़ाने से मन भर गया। मैं हरेक विषय पढ़ना चाहती थी।...


  • इनाम की अठन्नी

    इनाम की अठन्नी

    रानी लक्ष्मीबाई वीरता की प्रतिमूर्ति थीं. उनकी वीरता का गुणगान अंग्रेजों ने भी किया था. खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी. रानी लक्ष्मीबाई से संबंधित एक संस्मरण मैं कभी नहीं भुला सकती. इस...


  • बसंत बहार

    बसंत बहार

    आज ऑस्ट्रेलिया में सुबह बारिश हो रही थी. बारिश रुकते ही मैं सैर पर निकली. पूरे रास्ते में बैंगनी रंग के शहनाई जैसे फूल बिखरे पड़े थे. ऐसा लग रहा था मानो प्रदीप कुमार-बीना राय ताजमहल...

  • स्नेहिल संवाद

    स्नेहिल संवाद

    बात कल सुबह की है. रोज की तरह हम सैर पर निकले ही थे, कि पड़ोसी का बड़ा-सा पालतू झबरा डॉगी, जो बाहर लॉन में अपनी मालकिन के साथ बॉल से खेल रहा था, रोड पार करके...

  • हिन्दी दिवस पर

    हिन्दी दिवस पर

    हिन्दी साहित्य जगत के आसमान में चमकते मेरे प्रिय साहित्यकार हैं … श्री वृंदावनलाल वर्मा जी सुप्रसिद्ध उपन्यासकार । क्यों हैं प्रिय मात्र तेरह वर्ष की आयु में गर्मी की छुट्टियों में जो पहली पुस्तक मैने पढ़ी...

  • संस्मरण

    संस्मरण

    शिक्षक दिवस पर विशेष विधा संस्मरण मेरे प्रथम गुरु कलफ लगी सफेद धोती , सफेद कड़क कुरता , काले मौजे , काले चमचमाते जूते, तेल लगे टेढ़ी मांग निकालकर काढ़े गये बाल और साधारण कद काठी...