बाल साहित्य बालोपयोगी लेख लेख

Nibandh lekhan – ek kala

निबंध लेखन एक कला किसी विषय का पूर्ण किन्तु संक्षिप्त और सरल परिचय देना ही निबंध लेखन की सबसे बड़ी विशेषता है| निबंध शब्द ‘बंध’ शब्द के  पहले   ‘नि’ उपसर्ग लगने से बना है जिसका अर्थ होता है अच्छी तरह बाँधना – “सुबंधन” | यह कार्य तभी अच्छी तरह से पूरा होता है जब […]

बालोपयोगी लेख

व्यक्तित्व त्रय

भारतरत्न ‘नानाजी देशमुख’ को हम विस्मृत कर गए क्या ? जयप्रकाश नारायण, नानाजी देशमुख और राममनोहर लोहिया के बीच समानता तो है, एतदर्थ इन तीनों को निःसंकोच तुलना-त्रयी कहा जा सकता है । तीनों समाजवादी हैं, किन्तु राष्ट्रवादी हैं । तीनों को हिंदुत्व संस्कृति भाए हैं, किन्तु धर्मनिरपेक्षता को वे ‘मिस’ नहीं कर सकते थे। […]

बालोपयोगी लेख

साहित्य के सिपाही

31 जुलाई 1880 को ईदगाह के परिपक्व बचपना की तस्वीर को दुनिया में लेखनी के माध्यम से दिखाने वाले धनपत राय श्रीवास्तव का जन्म हुआ।प्रेमचंद’ नाम रखने से पहले, सरकारी नौकरी करते हुए वे अपनी रचनाएं ‘नवाब राय’ के रूप में प्रकाशित करवाते थे, लेकिन जब सरकार ने उनका पहला कहानी-संग्रह, ‘सोज़े वतन’ जब्त किया, […]

बालोपयोगी लेख

अच्छी आदतें जो हमारे बढ़ते बच्चों के पूर्ण विकास के लिए अनिवार्य हैं

बच्चे अपने माता-पिता को हमेशा अपना मापदंड मानकर अपनी आदतों को मोड़ देते हैं। तो बच्चों को अच्छी आदतें सीखाना और स्वयं भी उस पर अमल करना हमारे दायित्वों की लिस्ट में शामिल हो जाता है। आईये जानें कुछ अच्छी आदतें जो हमारे बढ़ते बच्चों के विकास के लिए अनिवार्य हैं। 1.उन्हें बाहर खेलने दें […]

बालोपयोगी लेख

गुरु-शिष्य के बीच अद्वितीय संबंध

भारतरत्न श्री सचिन तेंदुलकर के क्रिकेट गुरु और द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित पद्मश्री रमाकांत विठ्ठल अचरेकर का जन्म 1932 को मालवण, बम्बई में हुआ था, जिनकी मृत्यु लम्बी बीमारी के बाद 2 जनवरी 2019 को हो गई। वह दादर, मुंबई के शिवाजी पार्क में युवा क्रिकेटरों को प्रशिक्षित के लिए सर्वाधिक प्रसिद्ध रहे, खासकर भारतरत्न […]

बालोपयोगी लेख

महापुरुषों के जन्म का यह सप्ताह

2020 अब विदाई बेला में है, नववर्ष 2021 के अभिनंदन का थोड़े दिन ही शेष रह गए हैं । ऐसे में जारी सप्ताह कई महापुरुषों के जन्मदिवस होने के साक्ष्य लिए हैं। तिथि 20 दिसम्बर को संतमत सत्संग के आचार्य रहे महर्षि संतसेवी परमहंस की जयंती रही। तो अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, सिख धर्म के […]

बालोपयोगी लेख

मेहँदी लगी मेरे हाथ से

रावलपिंडी में जन्म, फिर भारत विभाजन के बाद लखनऊ आकर बस गए आनंद बख्शी ने 600 से अधिक फिल्मों के लिए 4,000 से अधिक गाने लिखे ! सभी एक से बढ़कर एक । आश्चर्य की बात है, वे 40 बार फ़िल्म फेयर पुरस्कार के लिए नॉमिनेट हुए, किन्तु 4 बार ही प्राप्त हुए ! सन1958 […]

बालोपयोगी लेख

महान विदूषक

हॉलीवुड के मूक फिल्मों के विदूषक चार्ली चैपलिन को हिंदी में आवाज और अभिनय दिया– श्रीमान राज कपूर ने। ‘मेरा नाम जोकर’ का जोकर की भूमिका में राज कपूर ने बिल्कुल ही चार्ली को जिया है । राज कपूर के पोते रणवीर कपूर ने इसे ‘बर्फी’ में जिया है । वॉलीवुड में अभिनेत्रियों ने भी […]

बालोपयोगी लेख

किस्सा कुँअर सिंह के

उनके किस्से बच्चे या जवान क्या, वृद्धों में भी शक्ति और ऊर्जा का नवसंचार कर दे तथा उनमें स्फूर्ति भर दे ! आज़ादी के ऐसे दीवाने, भारत और बिहार के ऐसे जमींदार, जो अंग्रेजों के विरुद्ध 80 वर्ष की अवस्था में भी ज़मींदारी त्यागते हुए अपनी माटी के रक्षार्थ ‘हल्ला बोल’ दिए, ऐसे अमर सेनानी […]

बालोपयोगी लेख

महान गणितज्ञ

सम्पूर्ण संसार के गणितज्ञ और थोड़े-बहुत गणित के जानकार भी ‘अभाज्य संख्या’ व प्राइम नंबर्स ज्ञात करने के नाम से परेशान और आक्रान्त रहा है । भारत ‘संख्या-सिद्धांत’ व नम्बर थ्योरी के मामले में अद्भुत जानकार देश रहा है । महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन ने 33 वर्षीय अल्प-जीवन में ही ‘संख्याओं’ पर प्रमेय दिए, […]