कविता

भाई बहन का पावन पर्व

{भाई बहन का पावन पर्व} भ़ईया की शुभ संदेश लाया सावन की पुनम। भाई-बहन का पावन पर्व आया रक्षा बंधन।। भ़ईया तेरे जीवन में कभी खुशी न हो फिका, तेरे माथे पे लगाई आज मैंने मंगल टीका, तेरी आरती उतारुं करुं तेरा मूँह मीठा, बाँधूं कलाई पे राखी करे हर विघ्न से रक्षा, ऐसा भाई […]

गीत/नवगीत

भाई तो परदेस बसा है….

भाई तो परदेस बसा है, मैं पर बस इस देश। ओ कागा ले आ रे उसके, आने का संदेश॥ दीपक चंदन और रोली का, थाल सजाये बैठी हूं। राखी लिये हाथ नयनों को, राह बिछाये बैठी हूं॥ तेरे माथे तिलक करूं, बिसरा कर मन का कष्ट कलेश… ओ कागा ले आ रे उसके, आने का […]

कविता

‘रक्षा-सुत्र’

सूत के धागों को ही रंग कर आज के इस पावन पर्व के लिये रक्षा-सुत्र निर्मित किया जाता है | ये सूत का धागा बेशक कितना ही कच्चा क्यों ना हो पर बहना के स्नेह बंधन में बंधकर ये इतना मजबूत हो जाता है कि चाहे कोई लाख प्रयत्न करे तो भी इसे तोड नही […]

कविता

माँ की महिमा

माँ कितनी महान होती है उसके चरणों में जन्नत होती है माँ की महिमा का क्या करुँ वर्डडन वो तो सारे बरम्हांड की माँ होती है, देवता भी जिन्हे पूजते नहीं थकते ऐसी माँ हम सबकी पहचान होती है, वो भूखा रहकर हम सबको खिलाती ये उसके ममता की पहचान होती है माँ कितनी महान […]

कविता

टूटा हुआ दर्पण

एक टीस-सी उभर आती है जब अतीत की पगडंडियों से गुजरते हुए — यादों की राख़ कुरेदता हूँ। तब अहसास होने लगता है कितना स्वार्थी था मेरा अहम्? जो साहित्यक लोक में खोया न महसूस कर सका तेरे हृदय की गहराई तेरा वह मुझसे आंतरिक लगाव मै तो मात्र तुम्हें रचनाओं की प्रेयसी समझता रहा […]

समाचार

भारतीय धरोहर को रक्षा कवच की जरूरत-तरूण विजय

लखनऊ,28 अगस्त (हि.स.)। भारतीय धरोहर को रक्षा कवच की जरूरत है। आज वह रक्षा सूत्र मांग रही है। भारत की सीमाएं असुरक्षित हैं। हमारा देश दो परमाणु ताकतों से आक्रान्त है। दोनों भारत में किसी न किसी रूप में आतंक को बढ़ावा दे रहे हैं। विदेशी धन और विदेशी मन का नतीजा है कि आज […]

कविता

कलाम को सलाम

कलाम अपने कर्मो से पहचाने गए उनकी क्या मिसाल ज्ञान और विज्ञानं कके  थे मिसाल सादा  जीवन उनकी  पहचान बच्चो को सीखते रहे किताबो से करना प्यार, किताब ही सच्ची साथी उनका हर दम कहना  होता भारत को कैसे बनाये महान हर दम ये सोचा करते बच्चो से कहते सपने देखो  ऊँचे जिन को तुम […]

गीतिका/ग़ज़ल

मेरे बाद तुमशे…?

एक बात बता दो ए सनम हरजाई, तुमने क्यु की मेरे संग बेवफाई, तुमने जो किया मेरे संग क्या अब कोई तुम पर बिस्वास करेगा, अब तूम ही बतावो मेरे बाद तुमसे से प्यार कौन करेगा…? खूबसूरत हो जाने से क्या होगा, प्यार सौदा बनाने से क्या होगा, दिल का दौलत लुटाने से क्या होगा, […]

गीतिका/ग़ज़ल

लिफाफे में गुलाब

मेरे चिठ्ठी का आज जबाब आया है लिफाफे में भर कर गुलाब आया है जो नजर थी कभी मुझसे चुराती रही, आज जाने कैसे वो गली में बेनकाब आ गयी..? दिल के धड़कन में मैंने उनको बसाया था, मन के मंदिर में कुछ सपने सजाया था, सबके सामने मैंने उनको अपना बताया था, शायद पहली […]

कविता

कविता : मुझसे कब बात करोगे

मैं दूर नहीं हूँ तुमसे मैं तरस रही हूँ कबसे क्या दिल मेरा न भरोगे मुझसे कब बात करोगे। पल-पल की अब ये दूरी है बनी हुई मज़बूरी पिया कब तुम आन मिलोगे मुझसे कब बात करोगे। चाँदनी रात भी है तरसाती मैं प्रेम विह्वल हो जाती कब प्रेम वृष्टि तुम करोगे मुझसे कब बात […]