यही है प्रेम
चातक का स्वाति नक्षत्र की बूॅंद की तलाश से,रात में पतंगे का दीपक की लौ के प्रकाश से,भंवरों का भोर
Read Moreचातक का स्वाति नक्षत्र की बूॅंद की तलाश से,रात में पतंगे का दीपक की लौ के प्रकाश से,भंवरों का भोर
Read Moreचिंता तनाव अवसाद दूर भगाएं,योग को जीवन में सभी अपनाएं,दस मिनट रोज आप ताली बजाएं,रक्त संचार को स्वयं बेहतर बनाएं
Read Moreमॉं अमृत की छाया और पिता ईश्वर का साया,मॉं से ही है मायका पिता से चाहतों का जायका,मॉं से बुलंद
Read Moreरिश्तों का खेले खेल इंसान लगाकर घृणित दाव,कलयुग जमा रहा है देखो धीरे-धीरे अपने पाॅंव,शर्मशार हो रही आज मर्यादाएं खौंफ
Read Moreपक्षियों का गूंजें मीठा शोर,हरियाली छाई हो चारों ओर,झूमें वन उपवन लताएँ सारी,महके फूलों की सुंदर क्यारी । करुणामई मॉं
Read Moreजय जय जय महादेव शंभू देवाधिदेव शंकरा,नमस्तुभ्यं नमस्तुभ्यं नमस्तुभ्यं देवाधिदेव दिगंबरा । प्रचंड हो अखंड हो दुष्टों के लिए मृत्युदंड
Read Moreबरसता जहॉं प्रेम स्नेह, आशीष अपार,बड़ा ही प्यारा होता है संयुक्त परिवार । बहुमूल्य आचरण के पनपते जहॉं मोती,अनमोल संस्कारों
Read Moreसफाया करना होगा हमें डर के सांये का,वर्षों से उत्पाद मचा रहे कालकूट पायें का,अस्त्र-शस्त्रों को धुआंधार चलाना ही होगा,दुश्मन
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