मेरा क्या हुकुम आका
मुझे बहुत खुशी हो रही है जब किसी ने मुझेबड़े ही आदर के साथ कहाकुकुर वाले साहब आप तोदेश के
Read Moreमुझे बहुत खुशी हो रही है जब किसी ने मुझेबड़े ही आदर के साथ कहाकुकुर वाले साहब आप तोदेश के
Read Moreहां हम ही हैं उन छुपे खंजरों के खंजर,जो आतुर हैं बनाने खिली बगिया को बंजर,उनके कदम जब पड़े थे,जातीय
Read Moreधुरंधर लठैत मुस्कुरा रहा है,विरोधी लठैत भी मुस्कुरा रहा है,पता करो पीछे जा भौंकने वालोंदोनों मिलकर कोई खिंचड़ी तो नहीं
Read Moreसारा दुख सारा दर्द मैंने हूबहू बतायी,जब मैंने स्वतंत्र लेखनी उठायी,उड़ेल दिया जग वालों के सामनेजो आज भी बीत रहा
Read Moreसबको अपनी पड़ी है कोई नहीं कर रहा विचार,पता नहीं क्यों आ जाते हैं रिश्तों में दरार,अपनों का रूखापन,अपनों की
Read Moreमुझसे एक दिन बोला सुधीर कुमार,कि सच सच बताओ यार,सामंतों के मुंशियों की मुंशी शाही,कैसे बचती है जब आये तबाही,मैं
Read Moreनेताजी खुर खुर खांसते रहे,महिलाओं की आजादी और वर्तमान स्थिति केविषय में रोचक भाषण देने के लिएमुद्दे और बातें रात
Read Moreयुद्ध तो ताउम्र लड़ने ही पड़ते हैं,और शांति का आशय हमारे लिएपेट की क्षुधा का शांत होना है,वरना तो हमारे
Read Moreछोड़ दो शब्दों को स्वतंत्र,बिना दुराव छिपाव बिना घुमाव,कहने दो अपनी बातसरल और सीधी शब्दों में,ताकि न पड़े लोगों को
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